कृष्णप्रसाद थाना क्षेत्र के चिलिका में नाबालिग की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी गणेश दास भी शामिल है। पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतीक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी 18 आरोपी खुर्दा जिले के चांद्रपुर गांव के रहने वाले हैं। कृष्णप्रसाद पुलिस ने 11 अगस्त को हुई घटना के सिलसिले में ये गिरफ्तारियां की हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना में ओम शिकारी नामक एक नाबालिग की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन नावें और वारदात में इस्तेमाल की गई एक लकड़ी की पट्टी भी जब्त की है।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक की सीधी निगरानी में तत्काल और व्यापक जांच शुरू की गई। शुरुआत में मामला अपहरण और हत्या के प्रयास के तहत दर्ज किया गया था। जांच के दौरान इसे हत्या के साथ डकैती के मामले में तब्दील कर दिया गया।
घटना की गंभीरता और अंतर-जिला झींगा लुटेरा गिरोह की संलिप्तता को देखते हुए पुरी सदर एसडीपीओ और कृष्णप्रसाद थाना प्रभारी (आईआईसी) के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें गठित की गईं। इन टीमों को पुरी, गंजाम और खुर्दा जिलों में तैनात किया गया।
पुख्ता सूचना और लगातार प्रयासों के आधार पर पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। एफआईआर दर्ज होने के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ने बताया कि मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और नाबालिग की मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस के मुताबिक, घटना 10 अगस्त की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई थी। खुर्दा जिले के बालूगांव थाना क्षेत्र के चांद्रपुर गांव से चोरों का एक समूह कृष्णप्रसाद थाना क्षेत्र के रामलेनका ग्राम पंचायत अंतर्गत कुमारपुर गांव के मछली पकड़ने वाले इलाके में पहुंचा था। झींगा लूटने के दौरान विरोध करने वालों पर हमला करने के लिए आरोपी घातक हथियारों से लैस थे।
कुमारपुर गांव के शिकायतकर्ता चिन्मय बेहरा के स्वामित्व वाले खंडा से झींगा चोरी करने के दौरान आरोपियों ने गणेश, कान्हा, मिथुन, रुबेश और कालू के रूप में पहचान किए गए आरोपियों ने शिकायतकर्ता, उसके भाई और नाबालिग ओम शिकारी पर हमला कर दिया।
शिकायतकर्ता और उसका भाई किसी तरह भागने में सफल रहे, लेकिन गंभीर चोटों के कारण नाबालिग की मौत हो गई। घटना के करीब 20 घंटे बाद उसका शव घटनास्थल से बरामद किया गया।