भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को महंगाई भत्ते (DA) में 20 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों और वेतनभोगियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी। यह घोषणा राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने सोमवार को राज्य का बजट पेश करते समय की। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि, पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार का मिशन राज्य की शान को वापस लाना है। साथ ही विकसित भारत के हिस्से के तौर पर विकसित बंगाल का निर्माण करना है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि, भाजपा सरकार को विरासत में 8.15 लाख करोड़ रुपये कर्ज मिला है। भाजपा सरकार मौजूदा सामाजिक कल्याण योजना को जारी रखेगी। इस नए बदलाव के साथ, राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाला कुल महंगाई भत्ता (डीए) बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। ये नई दर 1 अक्टूबर से लागू होगी। डीए में बढ़ोतरी की घोषणा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भाजपा की पश्चिम बंगाल सरकार के पहले बजट में की गई है, जो राज्य में तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन को खत्म करने के बाद पार्टी द्वारा उठाया गया एक अहम नीति वाला कदम है। नई घोषणा का मतलब है कि कर्मचारियों को मौजूदा रेट के अलावा उनकी मूल वेतन का 20 फीसदी और डीए के तौर पर मिलेगा। 20 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी हाल के सालों में पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के लिए सैलरी से जुड़ी सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है। इस कदम से कर्मचारियों की कमाई में सुधार, घरेलू खपत बढ़ने और महंगाई के दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल बजट पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह बजट राज्य विधानसभा में पेश किया गया। यह बजट पश्चिम बंगाल की खोई हुई संस्कृति और गरिमा को वापस लाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि, इस बजट में पश्चिम बंगाल की सुरक्षा, नागरिकों को डर-मुक्त माहौल देने और संस्कृति को फिर से जिंदा करने को प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा और खेती को भी अहमियत दी गई है। राज्य में संविधान को मजबूत करने, सिंडिकेट, जबरदस्ती वसूली रोकने और क्राफ्ट और बिजनेस के लिए माहौल बनाने पर जोर दिया गया है। इस बजट में ऐसा कोई सेक्शन नहीं है जिसे नजरअंदाज किया गया हो।