चिटफंड घोटाले के आरोपी और पूर्व विधायक प्रभात रंजन बिस्वाल को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। ओडिशा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
हालांकि, हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को निर्देश दिया कि वह इस मामले की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करे। अदालत ने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए और अनावश्यक देरी या बार-बार स्थगन से बचा जाए।
इससे पहले भी प्रभात बिस्वाल इसी मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। उस समय हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को एक वर्ष के भीतर ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था। लेकिन उस समय-सीमा के समाप्त हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मुकदमे की सुनवाई अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
अपनी नई याचिका में बिस्वाल ने दलील दी कि लंबे समय से ट्रायल पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने में सक्षम नहीं है। इसलिए लंबित आपराधिक मामले को रद्द किया जाए।
हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत को छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया।