ओडिशा विजिलेंस ने शुक्रवार को बालेश्वर जिले के बालियापाल की सब-रजिस्ट्रार को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि वह जमीन की बिक्री विलेख (सेल डीड) के पंजीकरण के लिए रिश्वत मांग रही थीं।
आरोपी की पहचान मनीषा मिश्रा (ओआरएस) के रूप में हुई है। वह बालियापाल में सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में सेवा ज्वाइन की थी और फिलहाल परिवीक्षाधीन (प्रोबेशन) अवधि में हैं।
विजिलेंस के अनुसार, मनीषा मिश्रा ने एक जमीन खरीदार (शिकायतकर्ता) से 0.14 डिसमिल जमीन की बिक्री विलेख के पंजीकरण के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। संबंधित जमीन के रिकॉर्ड में उसका किस्म 'बज्याप्ति स्थितिबान' दर्ज था।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस किस्म की जमीन को 'स्थितिबान' माना जाना चाहिए और इसका पंजीकरण किया जा सकता है। शिकायतकर्ता ने विभागीय दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कई बार पंजीकरण का अनुरोध किया, लेकिन आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार ने पंजीकरण करने से इनकार कर दिया और रिश्वत देने पर अड़ी रहीं।
शिकायतकर्ता ने जब 10,000 रुपये देने में असमर्थता जताई, तो मिश्रा ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम घटाकर 7,000 रुपये कर दी। लगातार परेशान किए जाने से तंग आकर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस अधिकारियों से इसकी शिकायत की।
इसके बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार को शिकायतकर्ता से 7,000 रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते समय मनीषा मिश्रा को रंगेहाथ पकड़ लिया। उनके कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर जब्त कर ली गई है।
ट्रैप कार्रवाई के बाद आय से अधिक संपत्ति (डीए) के पहलू से मिश्रा से जुड़े दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस संबंध में बालेश्वर विजिलेंस थाना में पीसी (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत केस नंबर 26/2026 दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।