पिछले पांच वर्षों में ओडिशा में बंद हुए 3,453 एमएसएमई

  • Aug 04, 2026
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भुवनेश्वर,04 अगस्तः

पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान ओडिशा में उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म (यूएपी) पर पंजीकृत 3,453 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) बंद हो गए। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। बीजद के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि इसी अवधि में ओडिशा में उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म (यूएपी) पर कुल 24.68 लाख एमएसएमई पंजीकृत किए गए।

उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2020 को शुरू किए गए उद्यम पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच राज्यभर में बड़ी संख्या में उद्यमों का पंजीकरण हुआ।

जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, खोर्धा में सबसे अधिक 601 एमएसएमई बंद हुए। इसके बाद कटक में 293, गंजाम में 236, बालेश्वर में 212 और सुंदरगढ़ में 152 इकाइयां बंद हुईं।

 अन्य जिलों में भद्रक (151), पुरी (147), अनुगुल (117), बलांगीर (112), बरगढ़ (109), जाजपुर (119), केंद्रापड़ा (101), संबलपुर (87), झारसुगुड़ा (77), ढेंकानाल (76), नयागढ़ (73), मयूरभंज (69), कोरापुट (52), रायगढ़ा (44) और कंधमाल (44) में भी एमएसएमई इकाइयों का संचालन बंद हुआ।

 वर्षवार आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में 118, 2022-23 में 212, 2023-24 में 431, 2024-25 में 875 और 2025-26 में 1,817 एमएसएमई बंद हुए, जिससे बंद होने की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, इसी अवधि में ओडिशा में एमएसएमई पंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। खोर्धा में लगभग 2.56 लाख, कटक में 2.19 लाख और गंजाम में करीब 2.15 लाख एमएसएमई पंजीकृत हुए। बालेश्वर, पुरी, मयूरभंज, जाजपुर और सुंदरगढ़ भी अधिक पंजीकरण वाले प्रमुख जिलों में शामिल रहे।

 एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) के तहत ओडिशा के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 34,156 करोड़ रुपये की राशि के लिए 2.92 लाख क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराई।

 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच ओडिशा में 16,056 सूक्ष्म उद्यमों को 460.37 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई, जिससे राज्य में लगभग 1,44,504 रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है।

 सरकार ने एमएसएमई के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट (पीएमएस) योजना, व्यापार मेलों में भागीदारी, विक्रेता विकास कार्यक्रम, डिजिटल मार्केटिंग पहल और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से खरीद जैसी कई पहलें लागू की हैं।

 इसके अलावा, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति के तहत केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को अपनी वार्षिक खरीद का 25 प्रतिशत हिस्सा एमएसई से करना अनिवार्य है। इस नीति में महिला तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) उद्यमियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।

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