ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, 2000 के दायरे में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सरकार एक्शन मोड में आ गयी है। राज्य के सभी थानों को आदेश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में जिन धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण नियम का उल्लंघन हो रहा है, वहां से लाउडस्पीकर को हटवां दें। इस आदेश के आते ही सभी थानों में हरकत तेज हो गयी है। अनेकों धार्मिक स्थलों पर आधा दर्जन लाउडस्पीकर एकसाथ बज रहा है। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी। 15 मई 2026 को सरकार ने ध्वनि प्रदूषण नियम के दायरे में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर धार्मिक स्थलों के लोगों को नोटिस दिया था। अब एक्शन शुरू हो रहा है। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम के दायरे में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सरकार ने पहले ही सभी को सूचित किया है। इसके बावजूद भी नियम का उल्लंघन का मामला सामने आ रहा है।
ऐसे में जिन धार्मिक स्थलों में नियम का उल्लंघन हो रहा है, वहां से लाउडस्पीकर हटा दिया जाएगा। पहले धार्मिक स्थल के लोगों को खुद लाउडस्पीकर हटाने के लिए बोला जाएगा, यदि नहीं सुनते हैं, तो फिर प्रशासन अपने स्तर से कार्य करेगी। बतादें कि रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। विशेष परिस्थियों में अनुमति के आधार पर सिर्फ बंद जगहों में इसे बजाने की अनुमति मिलती है। इसमें भी औद्योगिक क्षेत्र में अधिकतम 70 डेसीबल, व्यवयिक क्षेत्र में 55 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र में 45 डेसीबल और शांत क्षेत्र में 40 डेसीबल के दायरे में बजाने के नियम है।