राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत ओडिशा में वर्तमान में 422 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) संचालित हो रहे हैं। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद दिलीप कुमार राय के प्रश्न के लिखित उत्तर में जाधव ने बताया कि ओडिशा सरकार ने आयुर्वेद सहित 422 आयुष औषधालयों को उन्नत कर आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, जिन्हें अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) कहा जाता है, में परिवर्तित किया है। यह उन्नयन केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत राज्य की वार्षिक कार्ययोजना (एसएएपी) के आधार पर किया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को सूचित किया है कि सभी 422 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह कार्यरत हैं और विभिन्न आयुष पद्धतियों के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, गंजाम में सबसे अधिक 42 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इसके बाद बालेश्वर में 34, भद्रक में 25, मयूरभंज में 23, केंदुझर में 22 तथा बलांगीर, नयागढ़ और पुरी में 21-21 केंद्र संचालित हैं।
इसके अलावा बरगढ़ और खोर्धा में 18-18, कटक में 17, ढेंकानाल में 16, अनुगुल और जाजपुर में 15-15, झारसुगुड़ा में 14, सुंदरगढ़ में 13, कलाहांडी और केंद्रापड़ा में 11-11, जगतसिंहपुर में 10, संबलपुर में 9, कंधमाल और कोरापुट में 7-7, गजपति और नुआपड़ा में 5-5 तथा नवरंगपुर और सुवर्णपुर में 4-4 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं।
जाधव ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य का विषय है और जिला मुख्यालयों सहित वेलनेस सेंटर की स्थापना का अधिकार संबंधित राज्य सरकारों के पास है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष अवसंरचना को मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जबकि नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का निर्णय संबंधित राज्य सरकारें अपने स्तर पर लेती हैं।