ट्रक रोककर गैरकानूनी तरीके से घूस लेने के आरोप में दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। इस बात की घोषणा खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दी। इसके साथ ही इस मामले की जांच करने का आदेश भ्रष्टाचार दमन शाखा को दिया गया है। अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम की जानकारी देते हुए भ्रष्टाचार और रुपयों की अवैध वसूली के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का संदेश दिया।
सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लिखा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। किसी भी परिस्थिति में रुपयों की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह से भ्रष्टाचारमुक्त करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गाड़ी की सर्विसिंग करवाकर गैराज में वापस लौटते समय रामपुर चेकपोस्ट पर झारखंड के एक ट्रक को गैरकानूनी तरीके से दो MVI, नजिमूल हक और अनुपम बंद्योपाध्याय ने रोका था। गाड़ी के मालिक दीपक सिंह और ड्राइवर शिवा यादव का आरोप है कि उनसे घूस मांगी गयी थी। जब उन्होंने घूस देने से इनकार कर दिया तो पहले उनकी गाड़ी को जब्त कर लिया गया और बाद में टैक्स बाकी होने का दावा करते हुए एक रसीद दिखाकर ₹22 हजार मांगी गयी। लेकिन गाड़ी के मालिक और ड्राइवर से जिस टैक्स की बात की गयी थी, उसे राज्य सरकार ने पहले ही समाप्त कर दिया है। यह शिकायत मिलने के बाद ही परिवहन विभाग ने तुरंत कार्रवाई की।