सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने लोक सेवा भवन परिसर को तंबाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों सहित कई गैर-संचारी रोगों का प्रमुख कारण है। अधिसूचना में कहा गया है कि देश में हर साल करीब 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू के सेवन के कारण होती है।
अधिसूचना के अनुसार, लोक सेवा भवन परिसर में धूम्रपान, तंबाकू का सेवन और तंबाकू खाकर थूकना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस नियम का उल्लंघन कानून के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिग ने कहा कि यह कदम स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को मजबूत करने तथा लोक सेवा भवन को स्वच्छ, स्वस्थ और तंबाकू-मुक्त कार्यस्थल बनाने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को मजबूत करने तथा लोक सेवा भवन को स्वच्छ, स्वस्थ और तंबाकू-मुक्त कार्यस्थल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में तंबाकू विरोधी अभियान को और मजबूत किया जा रहा है। हम अपनी भावी पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन और सही संदेश देने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध हैं। तंबाकू के सेवन से पूरी तरह मुक्ति के लिए आने वाले दिनों में भी हमारे प्रयास जारी रहेंगे।