पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर अंतरिम निर्देश जारी करते हुए दोनों गुटों को ‘जोड़ा फूल’ के इस्तेमाल से रोक दिया है। दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग बैठक के बाद आयोग ने यह फैसला बताया। इसका मतलब है कि आगामी उपचुनाव में किसी भी गुट का उम्मीदवार ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम और घास पर बने ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। दोनों गुटों को नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव मैदान में उतरना होगा। हालांकि पार्टी का नाम और चिन्ह आखिर किस गुट के पास रहेगा, इस पर आयोग बाद में फैसला करेगा।
चुनाव आयोग ने अपने अंतरिम निर्देश में दोनों गुटों के लिए कुछ अहम बातें स्पष्ट की हैं। इनमें पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और संगठन के अधिकार से जुड़े निर्देश शामिल हैं।
पार्टी का नाम इस्तेमाल करने पर रोक: आगामी उपचुनाव में कोई भी गुट ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
‘जोड़ा फूल’ चिन्ह पर रोक: घास के ऊपर बने जोड़ा फूल चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल भी दोनों गुट नहीं कर पाएंगे।
तीन-तीन नाम देने होंगे: दोनों गुटों को अपनी पार्टी के लिए तीन नए नाम चुनकर देने होंगे। नामों की सूची शुक्रवार सुबह 11 बजे तक चुनाव आयोग को सौंपनी होगी।
आयोग चुनेगा नाम: चुनाव आयोग दोनों गुटों की ओर से दिए गए नामों में से दो नाम चुनकर उन्हें बताएगा। उपचुनाव में दोनों गुट अपने-अपने तय नाम का इस्तेमाल कर सकेंगे।
पार्टी के अधिकार पर बाद में फैसला: पार्टी का स्वामित्व और फंड की जिम्मेदारी किस गुट के पास जाएगी, इस पर आयोग बाद में निर्णय करेगा। इसके बाद जिस गुट के पास पार्टी का अधिकार होगा, उसे ‘जोड़ा फूल’ चिन्ह मिलने की बात कही गई है।