बाढ़ प्रभावित आठ जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

  • Jul 29, 2026
Khabar East:Odisha-Cancels-Leave-of-Govt-Staff-In-8-Flood-Hit-Districts-As-Relief-Operations-Intensify
भुवनेश्वर,29 जुलाईः

ओडिशा में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को बताया कि बाढ़ प्रभावित आठ जिलों के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। मीडिया से बातचीत में पुजारी ने कहा कि राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्यों को तेजी से संचालित किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और अग्निशमन सेवा के जवानों को तैनात किया गया है, जबकि अधिकारियों को चौबीसों घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 मंत्री ने बताया कि अब तक बाढ़ से तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें सभी मृतक ेंदुझर जिले के हैं। बाढ़ से छह जिलों के 44 ब्लॉकों में दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 27 हजार से 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 226 गांव अभी भी जलमग्न हैं।

उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों की निगरानी में राहत कार्य प्रभावी ढंग से चल रहे हैं। राहत शिविरों में लोगों को पका हुआ भोजन, शिशु आहार, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जो लोग राहत शिविरों में नहीं रह रहे हैं, उन्हें सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पॉलीथीन शीट भी उपलब्ध कराई गई हैं।

 पुजारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दलों को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों के साथ-साथ सर्पदंश रोधी (एंटी-स्नेक वेनम) इंजेक्शन का भी पर्याप्त भंडार रखा गया है।

 उन्होंने कहा कि महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सरकार हीराकु बांध और अन्य प्रमुख जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल हीराकु बांध के दो गेट खुले हैं और जलाशय का जलस्तर लगभग 600 फीट है। सरकार इसे 620 फीट तक बनाए रखने की योजना पर काम कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर बांध के और गेट खोले जा सकते हैं।

मंत्री ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पानी का बहाव 9 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

 उन्होंने बताया कि बालेश्वर समेत कुछ क्षेत्रों में जलस्तर कम होना शुरू हो गया है और कई लोग अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, महानदी के निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू होने के कारण प्रशासन को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।

 सुरेश पुजारी ने यह भी बताया कि ेंदुझर में जल निकासी अभियान के दौरान फायर सर्विस का एक जवान ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया।

 मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, जो इस समय नई दिल्ली में हैं, फोन के माध्यम से लगातार बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और प्रशासन को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।

 उन्होंने बताया कि पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा के जिलों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को मीडिया रिपोर्टों और नदी तटबंधों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है तथा तटबंध टूटने जैसी स्थिति से निपटने के लिए रेत से भरे बोरे (सैंडबैग) भी तैयार रखे गए हैं।

 मंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में फायर सर्विस की लगभग 60 टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि लगातार खतरे के बावजूद राज्य में बाढ़ की समग्र स्थिति नियंत्रण में है।

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