आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को विधानसभा को बताया कि पिछले 12 वर्षों में ओडिशा में आए चक्रवातों के कारण कुल 147 लोगों की जान गई है। कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद वाहिनीपति के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच राज्य 12 चक्रवातों से प्रभावित हुआ। इनमें से चार भीषण चक्रवाती तूफानों में ही 147 मौतें हुईं। इस अवधि में संपत्ति और बुनियादी ढांचे को कुल अनुमानित 19,529 करोड़ का नुकसान हुआ।
सबसे अधिक मौतें 2018 के चक्रवात तितली में हुईं, जिसमें 73 लोगों की जान गई। इसके बाद 2019 के चक्रवात फनी में 68 लोगों की मृत्यु हुई। वहीं 2014 के चक्रवात हुदहुद और 2021 के चक्रवात यास में तीन-तीन लोगों की मौत हुई।
आर्थिक नुकसान के बारे में मंत्री ने बताया कि चक्रवात फनी से सबसे अधिक 9,336.27 करोड़ का नुकसान हुआ। चक्रवात हुदहुद से 4,949.39 करोड़ और चक्रवात तितली से 2,779.32 करोड़ की क्षति हुई।
मंत्री ने आगे बताया कि इन चक्रवातों में 54.21 लाख से अधिक पशुधन की मौत हुई। इसके अलावा 8.40 लाख से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए और लगभग 17 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले दशक में ओडिशा बार-बार भीषण चक्रवातों की चपेट में आया है, जिससे भारी जन-धन की हानि हुई है।