ओडिशा विजिलेंस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिककरण योजना (PMFME) के तहत सब्सिडी जारी करने के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में जिला रिसोर्स पर्सन (DRP) राखी मेहर को गिरफ्तार किया।
आरोपी राखी मेहर, जिला उद्योग केंद्र (DIC) बरगढ़ के महाप्रबंधक के अधीन कार्यरत थीं। विजिलेंस टीम ने उन्हें उस समय पकड़ा जब एक लाभार्थी ने उनके बैंक खाते में रिश्वत की राशि जमा की।
विजिलेंस के अनुसार, लाभार्थी ने 15 मार्च 2026 को PMFME योजना के तहत बेकरी यूनिट स्थापित करने के लिए 8.64 लाख रुपये का ऋण लिया था। उसे 35 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में 3,02,400 रुपये मिलने थे। लेकिन सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय राखी मेहर ने कथित तौर पर 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उन्होंने लाभार्थी को एसएमएस के जरिए अपना बैंक खाता विवरण भेजकर राशि जमा करने को कहा।
रिश्वत देने में असमर्थ लाभार्थी ने विजिलेंस विभाग से शिकायत की। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। मेहर को उस समय गिरफ्तार किया गया जब लाभार्थी उनके निर्देशानुसार उनके खाते में 30 हजार रुपये जमा कर रहा था।
विजिलेंस अधिकारियों ने मेहर का मोबाइल फोन और 30 हजार रुपये जमा होने की बैंक पुष्टि संबंधी संदेश भी जब्त किया है। गिरफ्तारी के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में मेहर से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी जारी है।
इस संबंध में संबलपुर विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।