कटक की एक जिला अदालत ने मंगलवार को अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित संबंधों के मामले में अब्दुर रहमान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदालत ने यह फैसला लगभग 11 साल बाद सुनाया। वर्ष 2015 में भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने 16 दिसंबर 2015 को कटक के जगतपुर इलाके से अब्दुर रहमान को गिरफ्तार किया था।
कटक जिले के पश्चिमकच्छ निवासी रहमान पर अलकायदा से कथित संबंध रखने का आरोप था। अलकायदा को वैश्विक आतंकी संगठन Al-Qaeda का सहयोगी संगठन माना जाता है। पुलिस का दावा था कि वह संगठन के लिए लोगों की भर्ती करने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने में शामिल था।
जांच एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया था कि रहमान कटक के बाहरी इलाके टांगी में एक मदरसा चला रहा था, जहां पड़ोसी राज्य झारखंड के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कथित रूप से खराब परिस्थितियों में रखा जाता था।
जांच में यह भी दावा किया गया था कि रहमान का संपर्क मोहम्मद कफील से था, जो वर्ष 2007 में ग्लासगो एयरपोर्ट अटैक के असफल हमले के दौरान मारा गया था। अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि रहमान ने 2015 में दो बार सउदी अरब और संयुक्त अरब अमिरात की यात्रा की थी तथा कई बार जम्मू-कश्मीर भी गया था।
हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष इन आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों के साथ साबित नहीं कर सका। अदालत ने सभी दस्तावेजों और दलीलों की समीक्षा के बाद कहा कि मामला संदेह से परे साबित नहीं हो पाया, इसलिए रहमान को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।