ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शनिवार दोपहर कालबैसाखी तूफान ने जोरदार दस्तक दी। तेज बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। दोपहर करीब 3:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। काले बादलों ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद मूसलाधार बारिश और तेज गर्जना शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों से ओले गिरने की भी खबरें मिली हैं, जबकि तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटकर गिर गईं और कई स्थानों पर पेड़ों को नुकसान पहुंचा।
तूफान के चलते कई सड़कों पर पेड़ों की शाखाएं गिरने से यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। तेज हवाओं और मलबे के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही।
हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज गर्जना और हवाओं के कारण लोगों में सतर्कता बनी रही। मौसम के अचानक बिगड़ने से कई राहगीरों और खुले में काम करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कालबैसाखी गतिविधियों के बढ़ने से ओडिशा में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की संभावना और मजबूत हुई है। अनुमान है कि अगले 6 से 8 दिनों के भीतर मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है और वर्तमान मौसम परिस्थितियां इसके आगे बढ़ने में सहायक साबित हो सकती हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ओडिशा के कुछ हिस्सों में कालबैसाखी जनित बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में सड़कों से मलबा हटाने तथा बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।