ओडिशा हाईकोर्ट को भेजे गए सिलसिलेवार बम धमकी वाले ई-मेल की जांच में नया मोड़ आया है। कमिश्नरेट पुलिस अब इस मामले में तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा गिरफ्तार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से संभावित संबंध की जांच कर रही है।
धमकी भरे ई-मेल के संभावित स्रोत से जुड़े खुफिया इनपुट मिलने के बाद कटक पुलिस की एक टीम साक्ष्य जुटाने के लिए तमिलनाडु गई थी। प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद टीम वापस लौट आई है।
पुलिस की यह यात्रा इस बात की पुष्टि करने के उद्देश्य से की गई थी कि क्या शरथ सुब्रमण्यम शंकर का ओडिशा हाईकोर्ट को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल से कोई संबंध है। शंकर को तमिलनाडु एटीएस ने 22 जुलाई को चेन्नई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। उस पर कई राज्यों के संस्थानों और प्रतिष्ठानों को बम धमकी वाले ई-मेल भेजकर दहशत फैलाने का आरोप है।
चूंकि शंकर फिलहाल तमिलनाडु की एक जेल में बंद है, इसलिए कटक पुलिस उससे सीधे पूछताछ नहीं कर सकी। इसके बजाय जांच अधिकारियों ने ओडिशा हाईकोर्ट बम धमकी मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य तमिलनाडु पुलिस तथा एटीएस को सौंप दिए, ताकि आगे की जांच में उनका उपयोग किया जा सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या आरोपी का ओडिशा हाईकोर्ट को मिले धमकी भरे ई-मेल से कोई संबंध है। आवश्यकता पड़ने पर कटक पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेने की मांग कर सकती है।
शरथ सुब्रमण्यम शंकर तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के अंबासमुद्रम का रहने वाला है। वह अमेरिका के टेक्सास में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद 22 जुलाई को चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज बम धमकी के कई मामलों की जांच अभी भी जारी है।