साइबर अपराध के खिलाफ बड़े अभियान के तहत ओडिशा पुलिस के “ऑपरेशन साइबर कवच” में पिछले 10 दिनों में 3,625 म्यूल (बेनामी) बैंक खातों की जांच की गई और राज्यभर में 187 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
यह अभियान डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया के निर्देश पर चलाया जा रहा है, जिसे जिला एसपी और डीसीपी की निगरानी में जिला साइबर क्राइम यूनिट्स द्वारा संचालित किया जा रहा है तथा सीआईडी क्राइम ब्रांच की साइबर क्राइम यूनिट समन्वय कर रही है।
इस विशेष अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों की वित्तीय व्यवस्था को ध्वस्त करना और नागरिकों के डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाना है। अब तक पुलिस ने म्यूल अकाउंट से जुड़े 275 मामले, चेक निकासी से जुड़े 8 मामले और फर्जी सिम PoS सत्यापन से जुड़े 7 मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा 1,075 संदिग्ध सहयोगियों और खाताधारकों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें 84 लंबित एफआईआर भी शामिल हैं।
जिला स्तर पर कार्रवाई के तहत जगतसिंहपुर पुलिस ने 20 बेनामी खातों की जांच कर एक साइबर अपराध मामला दर्ज किया। जाजपुर पुलिस ने 44 खातों की जांच कर चार केस दर्ज किए और 47 लोगों को नोटिस भेजा। केंद्रापड़ा में 88 खातों की जांच कर पांच केस दर्ज हुए तथा 67 लोगों को नोटिस जारी किए गए। खोर्धा पुलिस ने 98 खातों की जांच कर छह केस दर्ज किए और दो लोगों को नोटिस भेजा।
पुरी में 71 म्यूल खातों की जांच की गई, चार बेनामी खातों के मामले और एक चेक बाउंस केस दर्ज हुआ, छह आरोपी गिरफ्तार किए गए और 15 लोगों को नोटिस जारी हुए।
इसी तरह बलांगीर, झारसुगुड़ा, केंदुझर, राउरकेला, भद्रक, मयूरभंज, यूपीडी भुवनेश्वर, ब्रम्हपुर, गजपति, गंजाम, अंगुल, कलाहांडी, कोरापुट, नुआपाड़ा, रायगढ़ा, कटक, नयागढ़, बरगढ़, संबलपुर, सुंदरगढ़, बौध, कंधमाल, मलकानगिरी, नवरंगपुर, देवगढ़ और ढेंकानाल समेत 30 से अधिक जिलों में भी अभियान जारी है।
डीजीपी खुरानिया ने कहा कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि ओडिशा को साइबर अपराध मुक्त राज्य बनाया जा सके और नागरिकों के डिजिटल लेनदेन सुरक्षित रहें।