ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को युवाओं से उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास के आदर्शों का अनुसरण करने और अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने ओडिशा विधानसभा परिसर में महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक गोपबंधु दास की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
गोपबंधु दास को ओड़िया गौरव और पहचान का प्रतीक बताते हुए माझी ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, उपेक्षित लोगों और बाढ़ एवं चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया था।
माझी ने कहा कि अपने सुख-सुविधाओं और खुशियों का त्याग कर उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, उपेक्षित लोगों तथा बाढ़ और चक्रवात से प्रभावित लोगों की सेवा में लगा दिया।
मुख्यमंत्री ने गोपबंधु दास को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जिया और महात्मा गांधी के सिद्धांतों का दृढ़ता से समर्थन किया।
उन्होंने एक समाजसेवी, लेखक और कवि के रूप में गोपबंधु दास के योगदान को भी रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया था।
युवा पीढ़ी से महान नेता के आदर्शों और जीवनशैली से प्रेरणा लेने की अपील करते हुए माझी ने कहा कि युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के कल्याण में भी योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा की जनता की सेवा करने, विकास की गति तेज करने और एक समृद्ध राज्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
माझी ने कहा कि समृद्ध ओडिशा 2036 के निर्माण के हमारे विजन को साकार करने के लिए हमें उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास के सिद्धांतों और आदर्शों का पालन करते हुए निरंतर काम करना होगा।
इस अवसर पर ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, एकाम्र-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।