ओडिशा के ढेंकानाल में प्रसिद्ध गजलक्ष्मी पूजा के 10 दिवसीय उत्सव का बुधवार को समापन हो गया। इस अवसर पर 41 पूजा समितियों की ओर से पारंपरिक विसर्जन (भसान) शोभायात्रा के माध्यम से मां लक्ष्मी को विदाई दी गई।
धन और समृद्धि की देवी धनदात्री मां लक्ष्मी की 10 दिनों तक पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ उनकी प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
शहर के तीन निर्धारित जलाशयों- काठ शंख, सिमिलिया और कुंजकांता में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।
विसर्जन शोभायात्रा में पारंपरिक संगीत दलों की आकर्षक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई थीं। ओडिशा के विभिन्न हिस्सों के अलावा राज्य के बाहर से आए कलाकार भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ अपनी प्रस्तुतियां देने पहुंचे थे, जिससे उत्सव का सांस्कृतिक रंग और भी गहरा हो गया।
इधर, विसर्जन शोभायात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विसर्जन कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पुलिस के 25 प्लाटून बलों की तैनाती रही।
विसर्जन शोभायात्रा के साथ ही ढेंकानाल के सबसे लोकप्रिय वार्षिक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल गजलक्ष्मी पूजा उत्सव का समापन हो रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शहर पहुंचे।