ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच सीमा विवाद ने बुधवार को एक बार फिर तूल पकड़ लिया। कोरापुट पुलिस ने विवादित कोटिया पंचायत के अपर सेम्बी गांव में स्थित आंध्र प्रदेश पुलिस की चेकपोस्ट का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। डीएसपी टीपीएस मंडल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ओडिशा पुलिस के मौके पर पहुंचते ही आंध्र प्रदेश के पुलिसकर्मी चेकपोस्ट खाली कर चले गए।
यह कार्रवाई कोरापुट जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों के कोटिया पहुंचने के बाद हुई। ये लोग विवादित क्षेत्र में 5 नवंबर को स्थानीय निकाय चुनाव कराने की आंध्र प्रदेश की योजना का विरोध करने के लिए मार्च निकालकर पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने आंध्र प्रदेश पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को हटा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पड़ोसी राज्य इन अवरोधकों के जरिए उन गांवों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जिन्हें ओडिशा अपना हिस्सा मानता है। इस घटना ने एक बार फिर कोटिया पर दोनों राज्यों के बीच जारी क्षेत्रीय विवाद को उजागर कर दिया है।
स्थानीय निवासी लंबे समय से इस क्षेत्र में चुनाव कराने और प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तार करने के आंध्र प्रदेश के प्रयासों का विरोध करते रहे हैं। ओडिशा सरकार के पहले के हस्तक्षेप के बावजूद दोनों राज्यों के बीच समय-समय पर टकराव की स्थिति बनती रही है।
कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्थिति पर कड़ी नजर रखने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोटिया ओडिशा का अभिन्न हिस्सा है। इसकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और हमारे क्षेत्र में आंध्र प्रदेश को कोई मतदान केंद्र स्थापित करने की अनुमति नहीं दी गई है।
वहीं, एसपी रोहित वर्मा ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस के 16 प्लाटून बल तैनात किए गए हैं। आंध्र प्रदेश में 5 नवंबर को होने वाले चुनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं, ताकि विवाद को और बढ़ने से रोका जा सके।