पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना अंतर्गत बोयकेड़ा पंचायत के बुंडूकोचा वनग्राम में अंधविश्वास की एक वारदात सामने आई है। यहां डायन-बिसाही के शक में 55 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। साक्ष्य छिपाने की नीयत से आरोपियों ने शव को गांव से करीब 200 मीटर दूर एक गहरी खाई में फेंक दिया। मृतका की पहचान बाईबेड़ा गांव निवासी चांदू पुर्ती (पति स्व। विनोद पुर्ती) के रूप में हुई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। यह घटना रविवार शाम की है।मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद से ही महिला लापता थी। मंगलवार को जब बुंडूकोचा वनग्राम के समीप घने जंगल से तेज दुर्गंध आने लगी, तब ग्रामीणों को शक हुआ। इसके बाद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सोनुवा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सोनुवा थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद जंगल की खाई से बुजुर्ग महिला का खून से लथपथ शव बरामद किया।सोनुवा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल पनसुआं गांव निवासी 26 वर्षीय प्रेमजीत बानरा को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी काफी समय से गंभीर रूप से बीमार चल रही थी। कई प्रयासों के बाद भी जब उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे चांदू पुर्ती पर डायन होने का शक हुआ। इसी सनक में उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर महिला को मौत के घाट उतार दिया। मामले को लेकर थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया गया है।0 फरार आरोपियों के खिलाफ 'डायन-प्रथा प्रतिषेध अधिनियम' के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।