कलाहांडी की बेटी शोभा साहू ने हिमाचल प्रदेश की 6,111 मीटर ऊंची माउंट यूनाम चोटी पर तिरंगा फहराकर प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चोटी फतह करने के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और ऑक्सीजन की कमी का भी सामना किया। उन्होंने बताया कि शिखर तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। अधिक ऊंचाई पर उन्हें तेज सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यात्रा थोड़ी कठिन थी। मुझे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हुईं। जिस दिन हमें चोटी पर पहुंचना था, उस दिन मुझे काफी उल्टियां हुईं। बड़ी मुश्किल से टेंट से बाहर निकल पाई और सिर में तेज दर्द था। मैं चल भी नहीं पा रही थी।
उन्होंने बताया कि दवा लेने और कुछ देर आराम करने के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ, जिसके बाद उन्होंने दोबारा चढ़ाई शुरू की। हालांकि, चुनौतियां यहीं खत्म नहीं हुईं। 6,111 मीटर यानी करीब 20,100 फीट की ऊंचाई पर उनकी टीम को ऑक्सीजन की कमी का भी सामना करना पड़ा।
साहू ने कहा कि बचपन से ही एक लड़की के रूप में कुछ अलग करने का मेरा सपना था। मैं समाज में मौजूद इस सोच को गलत साबित करना चाहती थी कि कई काम सिर्फ लड़के ही कर सकते हैं। इसी सोच ने मुझे यह चुनौती स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने युवाओं, खासकर लड़कियों से खुद पर विश्वास रखने और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
साहू ने कहा कि हम लड़कियां केवल खाना बनाने के लिए पैदा नहीं हुई हैं। हमें कुछ नया करना चाहिए। ऐसी बहुत-सी चीजें हैं, जिन्हें लोग केवल लड़कों के करने लायक मानते हैं और हमें उन्हें गलत साबित करना चाहिए।
उन्होंने माता-पिता और बेटियों के बीच विश्वास को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि परिवार का भरोसा और सहयोग लड़कियों को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य स्वतंत्र रूप से हासिल करने के लिए आत्मविश्वास प्रदान कर सकता है।
शिखर पर पहुंचने के बाद साहू ने माउंट यूनाम से अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और लिखा, “आखिरकार मैं माउंट यूनाम (6,111 मीटर) की चोटी पर पहुंच गई और स्वतंत्रता दिवस मनाया। जय हिंद, जय भारत।”
उनकी इस उपलब्धि से कलाहांडी में गर्व की लहर है। उनके दृढ़ संकल्प और साहस की पूरे राज्य में सराहना हो रही है।
राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने भी शोभा साहू को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “महाप्रभु श्री जगन्नाथ और मां मणिकेश्वरी के आशीर्वाद से मैं कामना करता हूं कि शोभा आने वाले दिनों में इसी तरह कई नई ऊंचाइयों को छुएं और बड़ी सफलताएं हासिल करें।
शोभा साहू की माउंट यूनाम फतह को खास तौर पर ओडिशा के युवाओं, महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। उनकी उपलब्धि पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए उन क्षेत्रों में आगे बढ़ने का संदेश देती है, जिन्हें आमतौर पर चुनौतीपूर्ण या पुरुष-प्रधान माना जाता है।