शासन व कानून बनाने में महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता: सुरमा पाढ़ी

  • Sep 07, 2026
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भुवनेश्वर,07 सितंबरः

ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सोमवार को कहा कि बजट तैयार करने से लेकर कानून बनाने तक हर क्षेत्र में महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने महिलाओं को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने और शासन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों पर प्रकाश डाला। नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाढ़ी ने कहा कि पंचायत स्तर पर आरक्षण ने जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के तहत छह लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करीब 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों को उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। ओडिशा सरकार ने राज्य के 730 सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों तथा 16 विश्वविद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की है।

ऑल इंडिया कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन दिल्ली में 7 और 8 सितंबर को दो दिनों के लिए किया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन का उद्घाटन किया, जबकि राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर ने स्वागत भाषण दिया।

 राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाना तथा लोकतंत्र को और मजबूत एवं समृद्ध करना है।

 ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी कर रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में बीजद विधायक दल की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक तथा विधायक सुभासिनी जेना, सुजाता साहू, सीमारानी नायक, मनोरमा मोहंती, सोफिया फिरदौस, उपासना महापात्र और वर्षा सिंह बरिहा समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। विधानसभा के शोध अधिकारी जय कृष्ण प्रधान और रणधीर राय भी प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली गए हैं।

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