भुवनेश्वर में 100 बेड के सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल का शिलान्यास

  • Aug 13, 2026
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भुवनेश्वर,13 अगस्तः

ओडिशा सरकार ने गुरुवार को राजधानी भुवनेश्वर के बीजेबी नगर स्थित नागेश्वर टांगी में 100 बेड वाले सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल का शिलान्यास किया। इसे राज्य में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन आयुष निदेशालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में एकाम्र-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह भी उपस्थित रहे। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस अस्पताल में भुवनेश्वर के साथ-साथ ओडिशा के अन्य हिस्सों से आने वाले मरीजों को एक ही छत के नीचे आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराने की योजना है। अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, मरीजों के वार्ड, डे-केयर यूनिट और केबिन के अलावा अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

 सरकार के अनुसार, अस्पताल में मरीजों को केंद्र में रखते हुए सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए पंजीकरण, डेटा प्रबंधन और मरीज प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत किया जाएगा। पर्याप्त मात्रा में दवाओं और उपचार सामग्री की उपलब्धता के साथ आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत साक्ष्य-आधारित उपचार, मानक प्रोटोकॉल और लगातार मूल्यांकन की व्यवस्था की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि बेहतर बुनियादी ढांचे और सेवाओं से लोगों का आयुर्वेदिक उपचार के प्रति विश्वास और स्वीकार्यता बढ़ेगी।

 महालिग ने कहा कि अस्पताल का निर्माण 15 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ओडिशा में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी।

मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं की आपूर्ति को नियमित और व्यवस्थित किया गया है। उन्होंने सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म उपचार, एनोरेक्टल सर्जरी और नियमित योग कक्षाएं शुरू किए जाने की भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में करीब 40 प्रकार की रक्त जांच उपलब्ध हैं, जबकि जल्द ही अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी

 मंत्री के अनुसार, सरकार ने आयुष छात्रों के मासिक स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में कार्यरत डॉक्टरों का वेतन बढ़ाकर 90,000 रुपये तक किया गया है।

महालिग ने आगे बताया कि आयुष्मान भारत और गोपबंधु जन आरोग्य योजना के तहत आयुर्वेदिक उपचार को शामिल करने की संभावनाओं पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के साथ चर्चा चल रही है। अस्पताल के दौरे के दौरान मंत्री ने भर्ती 46 मरीजों के बीच फल भी वितरित किए।

 इस अवसर पर आयुष निदेशक अंजना पडा ने कहा कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जन-केंद्रित बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उपचार के मामले में अस्पताल को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की तर्ज पर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। नया अस्पताल सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ लोगों के बीच आयुर्वेदिक उपचार की स्वीकार्यता को और बढ़ाने में मदद करेगा।

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