ओडिशा हाईकोर्ट ने ब्रम्हपुर के पूर्व विधायक बिक्रम कुमार पंडा की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता पितवास पंडा की सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आदित्य कुमार महापात्र की एकल पीठ में हुई, जहां याचिकाकर्ता, राज्य सरकार और अन्य आरोपियों की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की गईं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने केस डायरी पेश करते हुए जांच की वर्तमान स्थिति से अदालत को अवगत कराया। विशेष रूप से हत्या के पीछे साजिश के पहलू पर बहस केंद्रित रही। याचिकाकर्ता की ओर से पहले कुछ दस्तावेज दाखिल किए गए थे, वहीं अन्य आरोपियों ने जमानत का विरोध करते हुए आपत्ति हलफनामा दायर किया।
आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया गया और सभी पक्षों ने अपनी अंतिम दलीलें रखीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अदालत ने सभी पक्षों को 17 अप्रैल तक लिखित पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति भी दी है।
गौरतलब है कि बिक्रम कुमार पंडा ने ब्रम्हपुर के अतिरिक्त जिला जज की अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया था।
पितवास पंडा की हत्या ने पूरे ओडिशा में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में बिक्रम कुमार पंडा, जो बीजेडी के पूर्व विधायक और गंजाम जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, मुख्य आरोपी हैं। उन्हें 2025 के अंत में अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।