बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश के कारण ओडिशा के उत्तरी हिस्सों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मथानी में जलका नदी का जलस्तर 6.48 मीटर दर्ज किया गया, जो 6.50 मीटर के खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, राजघाट में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 9.68 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। एनएच-5 पर बुधाबलंगा नदी का जलस्तर भी 7.38 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है।
यदि जलका नदी खतरे के निशान को पार करती है, तो बस्ता ब्लॉक की करीब 10 ग्राम पंचायतों के लगभग 50 गांव प्रभावित हो सकते हैं। इनमें दूधहंशा, बहारदा, नटाकाटा, ब्रह्मंडा, मथानी और बरुणागड़िया सहित अन्य गांव शामिल हैं। बालेश्वर सदर ब्लॉक की दो पंचायतों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
बाढ़ की स्थिति बनने पर बड़े पैमाने पर कृषि भूमि जलमग्न हो सकती है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। जिला प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इस बीच, झारखंड में गलुडीह बैराज के नौ गेट खोल दिए गए हैं, जिससे सुवर्णरेखा नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है। अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। लगातार बारिश जारी रहने पर बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई गई है।