ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को राज्य के पांच जिलों के 12 से अधिक बाढ़ प्रभावित ब्लॉकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी तथा विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) भी मौजूद रहे। हवाई सर्वेक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। हालांकि, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और उम्मीद है कि अगले दो दिनों में बाढ़ का पानी उतर जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पानी उतरने के तीन दिनों के भीतर सभी प्रकार के नुकसान का आकलन पूरा किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि कृषि क्षेत्र, क्षतिग्रस्त मकानों और अन्य नुकसान के लिए सर्वेक्षण पूरा होते ही सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जाजपुर जिले के दशरथपुर, बारी और बिंझारपुर, भद्रक जिले के धामनगर, भंडारीपोखरी और चांदबली, बालेश्वर जिले के सोरो, रेमुणा और बालेश्वर सदर, मयूरभंज जिले के बड़साही, उदला और काप्तीपदा तथा क्योंझर जिले के हाटडीही ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंत्रियों और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुरी जिले की बाढ़ की स्थिति पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
'जीरो कैजुअल्टी' के लक्ष्य पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा बाढ़ से राज्य में करीब 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 2.69 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में 17 ओड्राफ (ODRAF) टीमें, 7 एनडीआरएफ (NDRF) टीमें और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की 129 इकाइयां तैनात हैं। प्रभावित लोगों के लिए 700 राहत शिविर और आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, जहां रहने, सूखा एवं पका भोजन, पेयजल और चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से 26 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। प्रभावित परिवारों को पॉलीथीन शीट, सूखा एवं पका भोजन, पेयजल तथा आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही, बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री माझी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की समय पर चेतावनी, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी प्रबंधन के कारण बाढ़ से बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सका है।