ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को राज्य के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान तेज करने, लापता लोगों की तलाश को प्राथमिकता देने और मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। चक्रवात 'अर्नब' के बाद भूस्खलन प्रभावित इलाकों में लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।
विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए माझी ने भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति, चक्रवात से हुए नुकसान के आकलन और भविष्य में संभावित चक्रवाती खतरे से निपटने की राज्य की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को बचाव अभियान में तेजी लाने और मिट्टी एवं मलबे के नीचे दबे लापता लोगों का पता लगाने के लिए आधुनिक उपकरणों तथा तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।
बचाव अभियान को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने के उद्देश्य से रेलवे से चेन पुली सिस्टम उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बातचीत कर बचाव अभियान में रेलवे का सक्रिय सहयोग मांगा। केंद्रीय मंत्रालय ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
इस बीच, भारतीय नौसेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अत्याधुनिक सीस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट को हेलीकॉप्टर के जरिए भूस्खलन प्रभावित जी. उदयगिरि क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है, ताकि तलाशी अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल, अग्निशमन सेवा और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप के जवान संयुक्त रूप से प्रभावित स्थल पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, सड़क संपर्क और अन्य आवश्यक सेवाओं को युद्धस्तर पर बहाल करने का भी निर्देश दिया। ऊर्जा विभाग को बिजली आपूर्ति बहाल करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जल्द से जल्द सामान्य सेवाएं शुरू करने को कहा गया है।
बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद पाढ़ी, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक सुधांशु षडंगी, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती, एसआरसी राजेश प्रभाकर पाटिल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।