ओडिशा के छह जिलों में बाढ़ से 7.85 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 1,300 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। सोमवार को विशेष राहत आयुक्त (SRC) की ओर से जारी नवीनतम स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंदुझर, मयूरभंज और केंद्रापड़ा जिलों में कुल 7,85,199 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से कुल 1,304 गांव, 448 ग्राम पंचायतें, 66 ब्लॉक और 10 शहरी स्थानीय निकाय प्रभावित हुए हैं।
बालेश्वर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां 2.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। जिले के 453 गांव और 97 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। अब तक 61,418 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि प्रभावित लोगों के लिए 103 राहत शिविर खोले गए हैं।
भद्रक में 134 गांवों और 39 ग्राम पंचायतों के करीब 1.96 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने 1,07,773 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 90 राहत शिविर खोले गए हैं।
जाजपुर में भी बाढ़ का व्यापक असर देखने को मिला है। जिले के 270 गांवों और 117 ग्राम पंचायतों में 2,02,672 लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 77,680 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि जिले में 191 राहत शिविर खोले गए हैं।
केंद्रापड़ा में करीब 1.44 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जिले के 134 गांवों और 63 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर पड़ा है। प्रभावित इलाकों से 2,085 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ से प्रभावित जिलों में कृषि भूमि को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। समेकित रिपोर्ट के अनुसार, 42,216.7 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
बाढ़ से आवासीय मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। छह जिलों में कुल 941 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। राहत के तहत 1,079 प्रभावित लोगों/परिवारों को पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था भी तेज कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राहत कार्यों के लिए 1.5 क्विंटल चावल, 1,950 क्विंटल चूड़ा और 782.8 मीट्रिक टन पशु चारा उपलब्ध कराया गया है या इसकी व्यवस्था की गई है।
बचाव और राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए प्रभावित इलाकों में 53 अग्निशमन कर्मी/टीमें, 39 ओड्राफ (ODRAF) टीमें और 7 एनडीआरएफ (NDRF) टीमें तैनात की गई हैं।
प्रशासन का मुख्य फोकस संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने, विस्थापित लोगों को भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाल करने पर है।
छह जिलों में लाखों लोगों पर बाढ़ का असर जारी रहने के बीच प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जा रहा है।