पश्चिम बंगाल तट के पास हुए एक दर्दनाक मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर हादसे के बाद ओडिशा के कई परिवार चिंता और सदमे में हैं। हादसे में ओडिशा के तीन सगे भाई अब भी लापता हैं। लापता मछुआरों की पहचान रबीन्द्र माझी, जगन्नाथ माझी और जयराम माझी के रूप में हुई है। तीनों बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक के उलुडा गांव निवासी मधुसूदन माझी के पुत्र हैं। वे 15 सदस्यीय चालक दल के साथ 'मां काली' नामक ट्रॉलर पर सवार थे।
यह ट्रॉलर दो जुलाई को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के शंकरपुर से बंगाल की खाड़ी में हिल्सा (इलिश) मछली पकड़ने के लिए रवाना हुआ था। रवाना होने के कुछ ही समय बाद ट्रॉलर से संपर्क टूट गया था। सोमवार को पश्चिम बंगाल के बक्खाली से करीब 16 किलोमीटर दूर रख्ताचर द्वीप के पास पलटा हुआ ट्रॉलर बरामद किया गया।
भारतीय तटरक्षक बल, पश्चिम बंगाल पुलिस और वन विभाग की संयुक्त बचाव टीम ने पलटे हुए ट्रॉलर से नौ शव बरामद किए हैं। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप उप-मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है।
अब तक नौ मछुआरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि ओडिशा के तीन भाइयों समेत छह मछुआरे अभी भी लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि उनकी भी मौत हो चुकी है।
समुद्र में लापता मछुआरों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। इस घटना से बालेश्वर जिले के तटीय गांवों में शोक और भय का माहौल है। लापता तीनों भाइयों के परिजन गहरे सदमे में हैं और उन्होंने प्रशासन से बचाव अभियान तेज करने की अपील की है।