महानदी में बाढ़ के कारण तेज जलधारा को देखते हुए कटक जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर गड़गड़िया घाट पर अगले 48 घंटे के लिए कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। प्रशासन ने श्रावण माह में कांवड़ (बोल बम) यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण गड़गड़िया घाट से जल संग्रह पर रोक लगा दी है। साथ ही श्रद्धालुओं को अगले दो दिनों तक धवलेश्वर मंदिर जाने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये प्रतिबंध 3 अगस्त तक प्रभावी रहेंगे।
जिला प्रशासन ने महानदी और उसकी सहायक नदियों के सभी घाटों पर आम लोगों के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। अगले आदेश तक स्नान, तैराकी, नौकायन, सेल्फी लेना तथा बैराज क्षेत्रों में जाने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बालीयात्रा मैदान में लोगों की आवाजाही, भीड़ जुटाने और सार्वजनिक सभा पर भी रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने लोगों को बाढ़ का पानी देखने, फोटो खींचने या वीडियो बनाने के लिए बैराज, पुलों और तटबंधों पर खड़े होने से भी सख्ती से मना किया है। इन क्षेत्रों में केवल आपातकालीन राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कर्मियों और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
इसके अलावा मछुआरों को नदी में नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, निचले और बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से अपने पशुधन को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर ले जाने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सभी प्रतिबंधों का पालन करने और अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की है।